गरियाबंद

फार्मेसी के शिक्षा, उद्योग, अनुसंधान, नियामक संस्थाए और व्यावहारिक क्षेत्र सभी एक छत के नीचे काम करे- डॉ . आनंद महलवार

छुरा \ आईएसबीएम विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस के अवसर पर इस वर्ष का थीम “Future Pharma Ecosystem: Fostering Synergy among Academia, Industry, Research, Regulatory and Practice” पर कार्यक्रम कि आयोजन रखा गया है।
इस थीम का मुख्य उद्देश्य फार्मेसी क्षेत्र के विभिन्न घटकों—शिक्षा, उद्योग, अनुसंधान, नियामक संस्थाओं और व्यावहारिक क्षेत्र—के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।

विश्वविद्यालय में किसी भी कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चलचित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।
इन कार्यक्रमों शामिल रहे, जिनमें 70 से भी छात्रों, शिक्षकों और पेशेवरों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

छत्रपति शिवाजी इंस्टीट्यूट आफ फार्मेसी के प्राचार्य प्रोफेसर अमित राय ने बताया कि भविष्य का फार्मा इकोसिस्टम तभी मजबूत होगा जब अकादमिक ज्ञान को उद्योग की आवश्यकताओं, अनुसंधान नवाचार और नियामक मानकों के साथ जोड़ा जाए। इससे न केवल नई दवाओं के विकास में तेजी आएगी, बल्कि रोगियों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएँ भी मिलेंगी।

द्वितीय वक्ता डां. आनंद महलवार आईएसबीएम विवि के कुलपति ने बताया कि राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस हमारे लिए गर्व और जिम्मेदारी का प्रतीक है। आज का थीम हमें यह समझाता है कि केवल किताबों का ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि हमें उद्योग और अनुसंधान से भी जुड़ना आवश्यक है।
हमारे संस्थान में हम प्रयासरत हैं कि छात्रों को आधुनिक प्रयोगशालाओं, प्रशिक्षण और उद्योग से जोड़कर व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाए। फार्मेसी के शिक्षा, उद्योग, अनुसंधान, नियामक संस्थाए और व्यावहारिक क्षेत्र सभी एक छत के नीचे सभी काम करे तभी गुणवत्तापूर्ण फार्मेसी में अग्रणी बन सकता है‌ ।

डां. पी विश्वनाथन ने बताया कि इस दिन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य युवाओं को फार्मेसी शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना और उन्हें अनुसंधान एवं नवाचार के लिए प्रेरित करना भी है।

डां . सुभाषिस बिश्वस ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान यह भी जोर दिया गया कि डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक अनुसंधान पद्धतियों का उपयोग कर भारत को वैश्विक फार्मा हब बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

फार्मेसी विभाग के विभागाध्यक्ष श्री युगल किशोर राजपूत ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस न केवल फार्मेसी पेशे के महत्व को दर्शाता है, बल्कि यह स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार और नवाचार के लिए एक मजबूत मंच भी प्रदान करता है।

हमारे इस पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रमुखतः रूप से फार्मेसी विभाग के विभागाध्यक्ष युगल किशोर राजपूत, राजेन्द्र कुमार साहू, अश्वनी कुमार साहू, डां. ओमप्रकाश साहू, प्रतिभा जायसवाल , डॉली यदु , विकास कुमार साहू, सभी लैब इंचार्ज का विशेष सहयोग रहा। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ विनय एम अग्रवाल, कुलपति डॉ. आनंद महलवार, कुलसचिव डॉ. बी पी भोल, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डाँ. शुभाषिस विश्वास, अकादमिक डीन डाँ. एन. के. स्वामी सभी ने फार्मेसी विभाग को बधाई दिया गया एवं आगे भी इस तरह के कार्यक्रम के आयोजन के लिए प्रोत्साहित और सहयोग किया जाएगा।

Narayan dubey

संपादक शिखर न्यूज छत्तीसगढ़

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