बसना

संस्कार द राइजिंग स्कूल बसना के शिक्षकों ने किया माड़ो सिल्ली जलप्रपात का सैर-सपाटा

बसना।संस्कार द राइजिंग स्कूल परसकोल बसना के शिक्षकों ने अपने व्यस्त शैक्षणिक जीवन से कुछ पल निकालकर प्रकृति की गोद में समय बिताया। प्राचार्य संजय तिवारी के मार्गदर्शन एवं कोऑर्डिनेटर स्टेला कंवर के नेतृत्व में शिक्षकों का दल सारंगढ़ जिले स्थित विख्यात माड़ो सिल्ली जलप्रपात के भ्रमण पर पहुंचा। यह भ्रमण शैक्षिक टूर एवं सहभोज कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया था।

माड़ो सिल्ली जलप्रपात अपनी अद्भुत सुंदरता, हरियाली और स्वच्छ वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां पहुंचकर शिक्षकों ने झरने की गिरती धारा और आसपास फैली प्राकृतिक छटा का आनंद लिया। वातावरण में बहती ठंडी हवा, जलप्रपात की गूंज और चारों ओर फैले हरे-भरे पेड़-पौधे सभी के लिए बेहद रोमांचक और सुकून देने वाले साबित हुए।

शिक्षकों ने कहा कि इस प्रकार की यात्राएं न केवल मानसिक शांति और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देती हैं, बल्कि टीम भावना को भी मजबूत करती हैं। “प्रकृति से जुड़ने से तनाव कम होता है, सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और यह ऊर्जा विद्यार्थियों तक भी पहुंचती है।” – शिक्षकों ने सामूहिक रूप से यह विचार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान सभी ने जलप्रपात की पृष्ठभूमि में सामूहिक फोटोग्राफी कराई। इन तस्वीरों ने इस यात्रा को और भी यादगार बना दिया। सहभोज के अवसर पर शिक्षकों ने आपस में सौहार्द और सहयोग की भावना साझा की।

विद्यालय प्रबंधन ने इस यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षकों को नई ऊर्जा और उत्साह से भर देते हैं। प्रबंधन का मानना है कि जब शिक्षक तरोताजा और सकारात्मक सोच के साथ विद्यालय लौटते हैं, तो उसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और विद्यालय के वातावरण पर पड़ता है।

माड़ो सिल्ली जलप्रपात की यात्रा शिक्षकों के लिए केवल एक सैर-सपाटा ही नहीं रही, बल्कि यह उनके जीवन में एक यादगार अनुभव बनकर हमेशा के लिए जुड़ गई।

Narayan dubey

संपादक शिखर न्यूज छत्तीसगढ़

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