सेवा संकल्प अभियान के सेवा सेतु शिविर का आयोजन कोसरंगी में

28 ग्राम पंचायतो के ग्रामीण जुटे
शिविर में 3 लोगों ने दी मानवता की मिशाल, देहदान का लिया संकल्प
महासमुंद /सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले में सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया जा रहा है। आज महासमुंद के ग्राम कोसरगी में शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 28 ग्राम पंचायतो के हजारों लोगों ने शिविर में भाग लिया।
साथ ही जिले में 2 से 8 अक्टूबर तक दान उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज आर्ष गुरुकुल आश्रम परिसर में 3 लोगों ने देहदान को घोषणा कर मिशाल पेश की।
तीन व्यक्तियों ने देहदान का संकल्प लिया। इनमें महिला बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक सुश्री शीला प्रधान, आदिवासी विभाग की अधीक्षक दंपति नीलेश खांडे एवं उनकी धर्म पत्नी चित्र रेखा तारक शामिल है।
उन्हें इस पुण्य कार्य सेवा के लिए शॉल, श्रीफल एवं गुलदस्ता प्रदान कर सम्मानित किया गया।
शिविर में विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, जिला स्काउट एवं गाइड संघ के जिलाध्यक्ष श्री ऐतराम साहू, जिला पंचायत सदस्य श्री जुगनू चंद्राकर, जनपद अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान, उपाध्यक्ष श्रीमती हुलसी चंद्राकर,जनपद सदस्य श्रीमती निधि चंद्राकर, श्रीमती विजय लक्ष्मी जांगड़े, श्री राहुल चंद्राकर, श्री आनंद साहू, सरपंच सुरेश साहू, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, एसडीएम श्रीमती अक्षा गुप्ता सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में देहदान के प्रति जागरूकता तथा लोगों को मानव सेवा के इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों को रेखांकित किया। साथ ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सरकार द्वारा प्रदेश में किए जा रहे विकास कार्यों को अभूतपूर्व बताया ।उन्होंने क्षेत्र में विकास कार्यों की उपलब्धि को बताया और कहा कि हमारी सरकार विकास में पीछे नहीं रहेगी।
साथ ही कहा कि भारतीय संस्कृति में दान और सेवा की परंपरा सदियों पुरानी है। देहदान मानवता की सेवा का ऐसा कार्य है, जिससे व्यक्ति अपने जीवन के बाद भी समाज के लिए उपयोगी योगदान दे सकता है। चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में देहदान का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से समाज में सेवा, समर्पण और सहयोग की भावना को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने देहदान का संकल्प लेने वाले व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यह निर्णय समाज के अन्य लोगों को भी प्रेरित करेगा।
इसके पूर्व बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर ने कहा कि दान की परंपरा भारतीय संस्कृति में सेवा और मानव कल्याण से जुड़ी हुई है। देहदान मानवता के लिए किए जाने वाले महत्वपूर्ण दानों में से एक है। इससे चिकित्सा के विद्यार्थियों को अध्ययन और शोध के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त होते हैं तथा भविष्य में बेहतर चिकित्सा व्यवस्था विकसित करने में सहायता मिलती है। उन्होंने नागरिकों से सेवा संकल्प अभियान से जुड़कर समाजहित के कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
जिला स्काउट एवं गाइड संघ के जिलाध्यक्ष श्री ऐतराम साहू ने कहा कि सेवा और सहयोग की भावना समाज को मजबूत बनाती है। देहदान का संकल्प एक व्यक्ति का निर्णय नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए चिकित्सा शिक्षा और मानव सेवा में योगदान देने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि दान उत्सव के माध्यम से लोगों को विभिन्न प्रकार के सामाजिक सरोकारों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपनी क्षमता के अनुसार समाजहित में योगदान देने की अपील की।
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कहा कि दान उत्सव के माध्यम से जिले में विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देहदान का संकल्प मानवता के प्रति समर्पण का भाव दर्शाता है। उन्होंने कार्यक्रम में देहदान का संकल्प लेने वाले व्यक्तियों की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने बताया कि अभी तक 03 देहदान और 17 नेत्रदान के लिए संकल्प लिए है।
इस अवसर पर विधायक एवं जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए विभिन्न स्टॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टॉल में उपलब्ध सामग्री एवं शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली तथा उपस्थित अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन और आम नागरिकों तक उनके लाभ पहुंचाने के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने नागरिकों को पात्रतानुसार शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों को विभिन्न योजनाओं की पात्रता, लाभ एवं आवेदन प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। दान उत्सव के माध्यम से समाज में सहयोग, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।



