आईएसबीएम विश्वविद्यालय में “स्वच्छता ही सेवा” कार्यक्रम का आयोजन

छुरा// आईएसबीएम विश्वविद्यालय में “स्वच्छता ही सेवा–2026” अभियान के अंतर्गत सेमिनार हॉल में शपथ एवं आस-पास स्वच्छता एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के “ स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत , विकसित भारत” अभियान की भावना के अनुरूप किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. बी. पी. भोल, अकादमिक अधिष्ठाता, डॉ. एन. के. स्वामी तथा छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. ओमप्रकाश साहू ने स्वच्छता के महत्व, व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वच्छ परिसर एवं पर्यावरण संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए।
अपने संबोधन में डॉ बी पी. भोल ने कहा कि स्वच्छता केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह सामूहिक सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी का विषय है। विद्यार्थियों एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी से स्वच्छता को दैनिक व्यवहार और जीवनशैली का हिस्सा बनाया जा सकता है। स्वच्छता ही सेवा 2026 में भी नागरिक सहभागिता, युवा भागीदारी और स्थायी स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया है।
संयोजक श्री संजीव जांगड़े एवं सुश्री ट्विंकल दीपक ने कार्यक्रम दौरान उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा स्वच्छता शपथ ली गई तथा स्वच्छ परिसर, कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक के कम उपयोग और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया गया।
इसके उपरांत फार्मेसी ब्लॉक से अकादमिक बिल्डिंग तक स्वच्छता जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वच्छता, कचरा पृथक्करण तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ परिसर के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
उल्लेखनीय है कि 01 अक्टूबर 2026 को देशभर में “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” के अंतर्गत स्वैच्छिक श्रमदान एवं स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छता के प्रति जागरूकता, सामूहिक सहभागिता तथा जिम्मेदार नागरिक व्यवहार को बढ़ावा देना रहा।



